Ishopanishad

प्रस्तुत पुस्तक ईशोपनिषद् में कर्म और ज्ञान का समाहार किया गया है। ईशोपनिषद् कर्ममय जीवन का ज्ञानमय जीवन के साथ सामंजस्य स्थापित करती है।

प्रकृति-पुरुष, योग-त्याग, कर्म-निष्कर्म, व्यक्ति-समाज, अविद्या-विद्या, भौतिक-अध्यात्म, कर्म-ज्ञान, जन्म-मृत्यु, उत्पत्ति-विनाश, सगुण-ब्रह्म-निर्गुण-ब्रह्म, इन सबका सातिशय सुष्ठु इस लघुकाय उपनिषद् के शान्ति पाठ सहित अठारह मंत्रों में उपन्यस्त है। इस पुस्तक के अवगाहन मात्र से मानव जाति घृणा-द्वेष, आतंक, कुत्सा और संकीर्णत से मुक्त होकर जीवन-यात्रा को स्वर्गोपय बना सकेगा। संसार में तांडव करता आतंक ज्ञान के नर्तन में विहंस उठेगा।

 

First Edition : 2008
Price : Rs. 250
ISBN : 978-81-89880-77-4
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